Newspaper Full form in hindi

Newspaper Full form in hindi- आज के समय मे न्यूज़पेपर तो हर कोई पढ़ता ही है। कुछ लोग न्यूज़पेपर पढ़ने के इतने ज्यादा आदि होते हैं, जोकि दिन की शुरुआत ही न्यूज़पेपर पढ़ने से करते हैं। वंही स्टूडेंट्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए इसको पढ़ते हैं।

राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले राजनीतिक खबरे समाचारपत्र में पढ़ते हैं। इसके साथ ही यह हमको देश विदेश की घटनाओं से तो रूबरू कराता ही है, साथ ही ज्ञान और मनोरंजन की जरूरतों को भी पूरा करता है। इस तरह से आज समाज मे न्यूज़पेपर की अहम भूमिका है। चलिये अब न्यूज़पेपर की फुल फॉर्म के बारे में जान लेते हैं।

न्यूज़पेपर फुल फॉर्म

N- नार्थ
E- ईस्ट
W- वेस्ट
S- साउथ
P- प्रेजेंट
A- एंड
P- पास्ट
E- इवेन्ट
R- रिपोर्ट

चलिये अब जान लेते हैं कि न्यूज़पेपर यानिकि समाचारपत्र की शुरूआत कैसे हुई थी।

आपको बता दें कि दुनिया का सबसे पहला न्यूज़पेपर चीन में लगभग छटी शताब्दी में हुआ था। आज के समय मे जो समाचारपत्र छपते है। इनका स्वरूप नीदरलैंड से मिलता है। यह समाचारपत्र नेउजाआईतूंग जोकीं 1526 के आसपास में छपा था।

इसके बाद 1615 में जर्मनी में फ्रैंकफर्ट जनरल और 1632 में गजट द फ्रांस, फ्रांस से शुरू हुआ था। बेल्जियम से 1690 में गजट वैन गट और इंग्लैंड से लंदन गजट का प्रकाशन शुरू हुआ था। आकरसेज समाचार पत्र का प्रकाशन अमेरिका से शुरू हुआ था।

इन सभी देशों के बाद इंग्लैंड से डेली करंट 1702 में शुरू हुआ। यह समाचारपत्र अंग्रेजी में था।

भारत मे न्यूज़पेपर की शुरुआत जेम्स आगस्ट हिक्की ने 1780 में किया। इन्होंने बंगाल गजट जिसको कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर या हिक्की गजट के नाम से जाना जाता है। इस समाचारपत्र का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था। हिक्की अपने समाचारपत्र में अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों को अपने को प्रमुखता से छापता था। जिससे कि अंग्रेज अधिकारी इससे काफी खिलाफ थे।

इसलिए इन अंग्रेज अधिकारियों ने इस न्यूज़पेपर को बंद करने की योजना बनाई। इसलिए हिक्की को जेल में डाल दिया गया और उन पर 5 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। जेल में उसकी पिटाई भी की गई और उसको प्रताड़ित भी किया गया। लेकिन हिक्की भी बिल्कुल डरा नही। वह जेल से ही अपने न्यूज़पेपर का संपादन करता रहा। अन्त में हिक्की को बंगाल से बाहर भेज दिया गया।

इस तरह भारत मे पत्रकारिता और न्यूज़पेपर की शुरुआत बंगाल से ही हुई। हिक्की गजट के बाद में भारत मे दूसरा समाचारपत्र इंडिया गजट की शुरूआत हुई। यह अखबार ईस्ट इंडिया कंपनी के समर्थन में काम करता था। जिसकी वजह से इसको ईस्ट इंडिया कंपनी से विज्ञापन भी मिल जाते थे।

भारत का पहला हिंदी न्यूज़पेपर

भारत का पहला समाचारपत्र जुगुल किशोर शुक्ल ने 1826 में उदंत मार्तण्ड का प्रकाशन किया। शुक्ल जी कानपुर के निवासी थे। यह सप्ताहिक समाचारपत्र था। इसका विधिवत सरकार से लाइसेंस भी लिया गया था। 1827 में यह समाचारपत्र बंद हो गया। इस समाचारपत्र को समाचारों का सूर्य भी कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश का पहला अखबार

बनारस अखबार को उत्तर प्रदेश का पहला समाचारपत्र माना जाता है। इसका प्रकाशन राजा शिव प्रसाद सितारे हिन्द द्वारा 1845 में काशी से प्रकाशित हुआ था।

उत्तर प्रदेश में हिंदी पत्रकारिता का लीड भारतेंदु हरिश्चन्द्र ने ही किया।

उत्तर प्रदेश का पहला हिंदी दैनिक समाचारपत्र रामपाल सिंह द्वारा हिन्दोस्तान निकाला गया।

भारत का पहला हिंदी दैनिक समाचारपत्र सुधा वर्षण है। यह भी बंगाल से ही प्रकाशित होता था। इसलिए कलकत्ता को हिंदी समाचारपत्रों की जन्मभूमि कहा जाता है।

ब्रिटिश काल मे समाचारपत्र के प्रकाशन पर काफी प्रतिबंध लगा दिया गया। यह प्रतिबंध सिर्फ ऐसे समाचारपत्रों पर लागू था। जोकीं ब्रिटिश नीति के विरुद्ध कार्य करते थे। जो समाचारपत्र अंग्रेजों के समर्थन में कार्य करते थे। उनको कोई भी दिक्कत नही थी।

समाचारपत्रों को छापने के लिए भारत मे पहला छापाखाना गोवा में 1557 में लगाया गया। आपको बता दें कि भारत मे अंग्रेजों के आने से पूर्व छापाखाना पुर्तगालियों द्वारा लगाया जा चुका था।

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