JEE Full form in Hindi

JEE Full Form in Hindi: जेईई की फुल फॉर्म, जीईई क्या है? जीईई पहली बार मे कैसे पास करें, जीईई एग्जाम कितने प्रकार के होते हैं? जीईई कितनी बार दे सकते हैं? आदि।

मेडिकल और इंजीनियरिंग के फील्ड में कैरियर बनाने वाले स्टूडेंट्स JEE एग्जाम से तो भलीभांति परिचित होंगे। जैसेकि मेडिकल के फील्ड में कैरियर बनाने के लिए JEE- Neet एग्जाम देना पड़ता है। इंजीनियरिंग के फील्ड में कैरियर बनाने के लिए JEE मैंन और JEE एडवांस एग्जाम पास करना होता है। लेकिन क्या आप जीईई का फुल फॉर्म (JEE Full Form in Hindi) जानते हैं। शायद काफी लोगों को नही मालूम होगा। अगर नही मालूम है तो जान लीजिए।

JEE Full Form in Hindi

जीईई का फुल फॉर्म जॉइंट एंट्रेन्स एग्जाम होता है। JEE- Joint Entrance Examination इसका हिंदी में मीनिंग संयुक्त प्रवेश परीक्षा है।

JEE kya hai

जीईई जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम को कहते हैं। जैसेकि मेडिकल के फील्ड में नेशनल लेवल का एंट्रेंस एग्जाम JEE- Neet होता है। इसी तरह इंजीनियरिंग में JEE एडवांस और JEE मेंस एग्जाम होते हैं। इसी तरह यूपी बीएड जीईई एग्जाम। जीईई का मतलब ही जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम होता है। ये जीईई एग्जाम किसी भी फील्ड में हो सकता है। चाहें, वो मेडिकल, इंजीनियरिंग, एजुकेशन या अन्य सेक्टर हो।

JEE Mains kya hota hai

जीईई मेंस एग्जाम एक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है।
जीईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) में दो पेपर होते हैं। पेपर 1 जो एनआईटी अन्य केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों या विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है। JEE Mains के माध्यम से अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम (बी.ई / बी.टेक) में एडमिशन मिलता है।

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जीईई मेंस में जो दूसरा पेपर होता है वो बी आर्क और बी प्लानिंग जैसे अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए आयोजित किया जाता है। इसके माध्यम से स्टूडेंट्स इंडिया के बेस्ट इंजीनियरिंग कालेजों में जैसेकि NIT व अन्य रेपुटेड गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश ले सकते हैं।

जीईई मेंस एग्जाम में बैठने के लिए कैंडिडेट ने फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ सब्जेक्ट के साथ ही कम से कम 12वीं 5 सब्जेक्ट्स से पास की हो, इस एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जो स्टुडेंट्स 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी इसमें अप्लाई कर सकते हैं। इस एग्जाम को कैंडिडेट कितनी बार भी दे सकते हैं। इसमे अटेम्प्ट की कोई लिमिट नही है।

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जीईई मेंस एग्जाम ऑनलाइन होता है। जिसमे फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ से 90 क्वेश्चन पूंछे जाते हैं। ये 300 अंक का पेपर होता है। गलत उत्तर देने पर 1/4 की माईनस मार्किंग होती है।

JEE Advanced kya hai

जीईई एडवांस्ड वो ही लोग दे सकते हैं जो लोग जीईई मेंस में 2 लाख के आसपास रैंक हासिल की हो और 12वीं में जनरल और ओबीसी के कैंडिडेट के 75% और SC/ ST कैंडिडेट के 65% मार्क्स होने चाहिए। कैंडिडेट की उम्र 25 बर्ष से ज्यादा नही होनी चाहिए। इसको कैंडिडेट 2 बार ही दे सकते हैं। JEE एडवांस क्वालीफाई करने के बाद IIT कॉलेजों में एडमिशन मिलता है

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Difference between JEE Main JEE Advanced (जीईई मेंस और जीईई एडवांस्ड में क्या अंतर है)

जेईई मेन और जेईई एडवांस ये दोनों एक दूसरे से काफी मिलते जुलते हैं, लेकिन बास्तव में इनके बीच काफी अंतर है। जो स्टूडेंट्स इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या फिर करना चाह रहे हैं तो, उनके लिए इन परीक्षाओं के बीच में होने अंतर को जानना बहुत ही जरूरी है। चलिये बताते हैं दोनो के बीच अंतर क्या है?

जेईई मेन एग्जाम एनटीए के द्वारा कराया जाता है। जबकि जेईई एडवांस्ड एग्जाम को आईआईटी के द्वारा रोटेशन के आधार पर नियंत्रित (Regulate) किया जाता है।

जेईई मेन परीक्षा को पास करने वाले स्टूडेंट्स ही जेईई एडवांस परीक्षा दे सकते हैं।

जेईई मेन का आयोजन पूरे देश के विभिन्न एनआईटी और अन्य संस्थानों में बीई या बीटेक कोर्सेज में प्रवेश के लिए होता है। वहीं जेईई एडवांसड़ परीक्षा आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए आयोजित किया जाता है।

जेईई मेन्‍स एग्जाम में प्रयास की सीमा नहीं होती है, जिसके कारण छात्र कितनी भी बार भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन वंही जेईई एडवांसड़ परीक्षा के लिए स्टूडेंट्स लगातार दो वर्षों में अधिकतम दो बार ही आवेदन कर सकते हैं।

जेईई मेन परीक्षा के लिए कोई निर्धारित अंक नहीं तय है। हालांकि NIT, आईआईआईटी और सीएफटीआई संस्थानों मे प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को योग्यता परीक्षा में कम से कम 75% अंक हासिल करना आवश्यक होता है। वहीं जेईई मेन एग्जाम क्वालिफाई करने वाले केवल शीर्ष दो का लाख स्कोरन करने वाले ही स्टूडेंट्स ही जेईई एडवांस के लिए पात्र हैं।

जेईई मेन एग्जाम में छात्रों को दो पेपर देने पड़ते हैं। जिसमे से पेपर 1 के लिए ऑनलाइन होता है। जबकि पेपर 2 ये ऑफलाइन पेन और पेपर आधारित होता है। वहीं जेईई एडवांस एग्जाम में भी दो पेपर है, लेकिन ये दोनों पेपर ऑनलाइन होते है। जेईई एडवांस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद स्टूडेंट्स एएटी परीक्षा के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

जेईई मेंस परीक्षा के पाठ्यक्रम में कक्षा 11वीं और 12वीं के भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषय से संबंधित क्वेश्चन शामिल हैं। जबकि जेईई एडवांस परीक्षा में इसके अलावा और भी कई अतिरिक्त विषयों को भी इसके सिलेबस में शामिल किया जाता है।

Neet JEE exam kya hai

नीट एग्जाम भी JEE (Joint Entrance exam) होता है, लेकिन ये मेडिकल के फील्ड में MBBS, BDS, BAMS, BHMS, बीएससी नर्सिंग और भी अन्य कोर्सज में एडमिशन के लिए नेशनल लेवल का एग्जाम होता है।

जेईई में क्या होता है?

जीईई का मतलब ही जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम होता है। इस तरह यह एक सयुंक्त प्रवेश परीक्षा होती है। सयुंक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) इसको इसलिए कहते हैं कि इस परीक्षा में अनेक कॉलेज और यूनिवर्सिटीज सयुंक्त होकर प्रवेश परीक्षा करवाते है। इसी प्रवेश परीक्षा के आधार पर स्टूडेंट्स को उनकी रैंक के आधार पर विभिन्न Course में एडमिशन दिया जाता है।

वैसे तो जीईई परीक्षा अनेक सेक्टर में होती है। लेकिन अधिकतर JEE परीक्षा को लोग इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के तौर पर जानते हैं, जोकि JEE मेंस और JEE Advanced होती है।

JEE ki तैयारी कैसे करें?

जॉइंट एंट्रेन्स एग्जाम चाहें वो इंजीनियरिंग फील्ड का JEE मेन्स या JEE एडवांस्ड हो या फिर जीईई NEET हो ये सभी एग्जाम काफी कठिन माने जाते हैं। इसलिए इनके एग्जाम की तैयरी भी आपके स्पेशल तरीके से एक सही स्ट्रेटजी बनाकर करनी होगी। तभी आप JEE एग्जाम में सफल हो पाएंगे।

जीईई एग्जाम में अच्छी रैंक हासिल करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप इसका एग्जाम पैटर्न और सिलेबस का को देखे और अच्छे तरीके से एनालिसिस करें।

इसके बाद आपको अगला स्टेप ये लेना है कि उस सिलेबस की तैयरी कैसे करें, इसके लिए आप स्टडी मैटेरियल कलेक्ट करें। स्टडी मैटेरियल के लिए आप अच्छे पबलिकेशन की बुक्स खरीदें और इसके साथ ही विभिन्न यूट्यूब चैनल्स और वेबसाइटों से भी आपको काफी मदद मिल सकती है।

अगर आप JEE एग्जाम को जल्द से जल्द क्रैक करना चाहते हैं तो आप किसी अच्छे Coaching Institute को जॉइन कर सकते हैं। क्योंकि कोचिंग।इंस्टीट्यूट से हर साल बहुत से स्टूडेंट्स JEE क्रैक करके निकलते हैं, वंहा से आपको बेहतर नॉलेज और मार्गदर्शन मिल सकता है। लेकिन कोचिंग किसी नामी संस्थान से ही करें।

अपनी पढ़ाई के लिए एक टाइम टेबल बनायें और उसका पालन करें। रोजाना 6 से 7 घंटे तो पढ़ाई जरूर ही करें। हर घंटे की पढ़ाई के बाद 5 से 10 मिनट का रेस्ट अवश्य लें। जो भी याद या प्रक्टिस करें, समय- समय पर उसका रिवीजन भी करते रहें।

मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस पेपर जरूर देते रहें। इससे आप टाइम मैनजमेंट सीख पाएंगे और परीक्षा में तय समय मे आप अपना पेपर सॉल्व कर पाएंगे और साथ ही आप अपनी कमजोरियों को भी जान पायेंगे। इसके अलावा सभी प्रीवियस ईयर के क्वेश्चन पेपर भी सॉल्व करें। पढ़ाई के साथ ही सेहत का भी ध्यान रखें। इस तरह से आप JEE की तैयरी कर सकते हैं।

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